अम्ल और क्षार में अंतर - what is acid and base in hindi

Post Date : 21 October 2018

आप ने अपनी कक्षा में कई बार पढ़ा होगा की अम्ल क्या होता है लेकिन फिर भी मैं अम्ल के बारे में कुछ बेसिक चीजें आपको बता देता हूँ की अम्ल क्या होता है। 

अम्ल और क्षार में अंतर

अम्ल को अगर आर्हीनियस धारणा के अनुसार देखा जाये तो ये वे हाइड्रोजन परमाणु युक्त पदार्थ होते हैं, जो जल में विलय होकर हाइड्रोजन आयन देते हैं। तथा क्षार वे पदार्थ हैं जो जल में घुलकर हाइड्रॉक्सिल आयन बनाते हैं।
लेकिन ये धारणा सभी जगह मान्य नहीं है क्योकि कई जगहों पर इस नियम के अनुसार तो क्रिया नहीं करा सकते हैं। 

जैसे सभी को तो जल में घोलकर टेस्ट नही कर सकते ना इसलिए ये नियम कई जगह लागू नहीं होता है। और इसके वैज्ञानिक तर्क के हिसाब से भी कई अपवाद हैं जैसे HCL  बात करें तो ये जल में आसानी से विलेय हो जाता है। यह धारणा केवल जलीय विलयनों पर लागू होती है।

अम्ल की पहचान करने के लिए आप लिटमस पेपर का यूज कर सकते है आपको यह पता ही होगा की लिटमस पेपर पर जब अम्ल को छुआते है तो उसका रंग लाल हो जाता है। इसके स्वाद से भी इसका पता लगाया जा सकता है इसका स्वाद ईमली के के समान खट्टा होता है।

क्षार को हम पहचाने के लिए अगर लिटमस पेपर का यूज करते हैं तो लिटमस पेपर का रंग नीला हो जाता है। और इसके स्वाद की बात करें तो इसका स्वाद थोड़ा कस्सा होता है।

इनको मापने के लिए ph मीटर का भी उपयोग किया जाता है। इस मीटर में 1-7 तक अंक होते हैं। और इन अंको के माध्यम से ही हमें पता चलता है की अम्लीय है या कोई पदार्थ क्षारीय है। इसमे 7 अंक उदासीन होता है अर्थात ये ना तो तीखा होता है और ना ही अम्लीय होता है। जिन पदार्थों का मान सात से कम आता है।  

उसे अम्लीय और जिन पदार्थों के ph मान सात से अधिक होता है उसे क्षारीय कहा जाता है जो पदार्थ का मान जितना कम होता है वह पदार्थ उतना ही अम्लीय होता है, और जिन पदार्थों का ph मान जितना अधिक होता है वह पदार्थ उतना ही ज्यादा क्षारीय होता है। तो ये तो थी अम्ल और क्षार को पहचानने के तरीके के बारे में कुछ विशेष तर्क है। 

इनकी प्रकृति के आधार पर दोनों अम्लों को दो भंगो में बनता गया है - 

अम्ल के प्रकार - 1 कठोर अम्ल 2. मृदु अम्ल
क्षार के प्रकार - 1. कठोर क्षार   2. मृदु क्षार

कठोर और मृदु क्या है

ये एक प्रकार से वस्तुओं में पाये जाने वाले गुण के अनुसार ही ठोस और द्रव के गुण के समान ही हैं। यहां कठोर का मतलब है। आसानी से अभीक्रिया ना करने वाला और मृदु का अर्थ है किसी यौगिक के साथ तुरन्त क्रिया करने वाला। इस प्रकार इनको इनके गुणों के आधार पर ही परिभाषित किया जा सकता है। अर्थात जो अम्ल किसी यौगिक के साथ आसानी से क्रिया कर लेते हैं तो उसे मृदु अम्ल कहते हैं और जो अम्ल आसानी से क्रिया नहीं करते हैं उन्हें कठोर क्षार कहते हैं।

अब इसी प्रकार क्षार को भी परिभाषित किया जा सकता है की वे क्षारीय पदार्थ जो अन्य यौगिक के साथ आसानी से क्रिया कर लेते हैं उन्हें मृदु क्षारीय पदार्थ कहते हैं। और जो पदार्थ आसानी से क्रिया प्रदर्शित नहीं करते उन्हें कठोर क्षारीय पदार्थ कहा जाता है।