विश्व की सबसे गहरी नदी कौन सी है - Deepest river in the world in hindi

नदी एक बहने वाली जलधारा है जो महासागर या समुद्र की ओर बहती है। नदी की उत्पत्ति बारिश की पानी या ग्लेसियार के पिघलने से होता हैं। एक नदी की कई सहायक नदिया होती हैं। विश्व की सबसे लंबी नदी नील नदी को कहा जाता हैं। जो अफ्रीका महाद्वीप में बहती हैं। लेकिन यह सबसे गहरी नदी नहीं हैं चलिए जानते हैं आखिर विश्व की सबसे गहरी नदी कौन सी हैं। 

विश्व की सबसे गहरी नदी कौन सी है

कांगो नदी विश्व की सबसे गहरी नदी है। इसकी अधिकतम गहराई 220 मीटर हैं। जिसे पहले ज़ैरे नदी के नाम से भी जाना जाता था। यह अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी है। जो नील नदी से छोटी है। जल निर्वहन के हिसाब से यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी नदी है।

कांगो नदी की कुल लंबाई 4,700 किमी है, जो इसे दुनिया की नौवीं सबसे लंबी नदी बनाती है। चंबेशी नदी कांगो नदी की एक सहायक नदी है। जो 1,800 किमी तक फैली हुई है।

कांगो नदी की शुरुआती नदी को लुआलाबा नदी के नाम से जाना जाता हैं। लुआलाबा के साथ मापी गई कांगो नदी की कुल लंबाई 4,370 किमी है। यह भूमध्य रेखा को दो बार पार करने वाली एकमात्र प्रमुख नदी है। कांगो बेसिन का कुल क्षेत्रफल लगभग 40 लाख वर्ग किमी है। यह पूरे अफ्रीकी भूभाग का 13% है।

विश्व की सबसे गहरी नदी कौन सी है - Deepest river in the world in hindi

कांगो नदी के नाम की उत्पत्ति 

कांगो नाम की उत्पत्ति बार नदी के दक्षिणी तट पर स्थित कोंगो साम्राज्य से हुई थी। जिसे 17 वीं शताब्दी में एसिकोंगो के रूप में जाना जाता था। जिसका उल्लेख 1535 में किया गया था। अब्राहम ओरटेलियस ने 1564 के अपने विश्व मानचित्र में नदी के मुहाने पर मैनिकोंगो शहर को अंकित किया था। इस शहर के नाम पर ही नदी का नाम रखा गया हैं। यहा रहने वाले जातीय समूह को भी कांगो के नाम से जाना जाता हैं।

कांगो नदी की प्रमुख सहायक नदियां 

लुआलाबा नदी कांगो नदी की मुख्य सहायक नदी बनाती है। यह कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के दक्षिण-पूर्वी कोने में कटंगा पठार पर 4,000 फीट की ऊंचाई पर निकलती है, और देश के माध्यम से उत्तर की ओर बहती है। यह अपनी अन्य सहायक नदियों से कांगो में सबसे अधिक मात्रा में पानी ले जाता है। 1,800 मील यानि 2,900 किमी के बाद, लुआलाबा नदी कांगो नदी बन जाती है।

क्विलु नदी जिसकी लंबाई 200 किमी हैं। 

इंकिसी नदी की लंबाई 640 किमी हैं जिसकी जल निकासी 12,134 किमी² हैं।

क्वा-कसाई नदी की लंबाई 2153 किमी हैं। बेसिन का आकार 8 लाख वर्ग किमी से अधिक हैं और जल का औसत निर्वहन 11,600 मीटर प्रति 3 सेकंड हैं। 

फ़िमी नदी की कुल लंबाई 1070 किमी हैं जबकि इसके बेसिन का आकार 1 लाख वर्ग किमी से अधिक हैं और जल निर्वहन 2,000 मीटर प्रति 3 सेकंड हैं ।

कांगो बेसिन

कांगो का जल निकासी बेसिन 4,014,500 वर्ग किलोमीटर मे फैला है। इसके मुहाने पर कांगो  नदी का जल निर्वहन 23 हजार से 75 हजार क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड है। नदी और उसकी सहायक नदियाँ वर्षावन से होकर बहती हैं, जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वर्षा वन क्षेत्र है। अमेजन नदी के बाद कांगो नदी दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा जल प्रवाह क्षेत्र है। 

कांगो नदी पश्चिम-मध्य अफ्रीका के नौ देशों में फैली हुई है। यह नदी लगभग 75 मिलियन लोगों को भोजन, पानी, दवा और परिवहन प्रदान करता है।

कांगो नदी भूमध्य रेखा को दो बार पार करती है क्योंकि यह पूर्वी अफ्रीका से बहती है, कांगो वर्षावन के माध्यम से बहते हुए अटलांटिक महासागर मे गिरती हैं।  इसके रास्ते में आर्द्रभूमि, बाढ़ के मैदान, झीलें और दलदल शामिल हैं।

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