वायुमंडल किसे कहते हैं - atmosphere in hindi

वायुमंडल ग्रह की सतह से 10,000 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। उसके बाद अंतरिक्ष होता है। सभी वैज्ञानिक इस बात से सहमत नहीं हैं कि वायुमंडल की वास्तविक ऊपरी सीमा कहाँ तक है, लेकिन वे इस बात से सहमत होते हैं कि वायुमंडल का अधिकांश भाग पृथ्वी की सतह से लगभग 8 से 15 किलोमीटर की दूरी तक स्थित मानते है।

वायुमंडल किसे कहते हैं

हम एक अदृश्य महासागर के तल पर रहते हैं जिसे वायुमंडल कहा जाता है, हमारे ग्रह के चारों ओर गैसों की एक परत होती है। जिसमे शुष्क हवा 99 प्रतिशत, नाइट्रोजन और ऑक्सीजन की मात्रा भी होती है। जिसमें कार्बन डाइऑक्साइड, हीलियम, नियॉन और अन्य गैसें शामिल होते हैं। इन्ही को वायुमंडल कहा जाता है। 

वायुमंडल इतना फैला हुआ है कि हम मुश्किल से इसे नोटिस करते हैं। फिर भी इसका वजन पूरे ग्रह को कवर करने वाले 10 मीटर पानी की परत के बराबर होती है। 

वायुमंडल के निचले 30 किलोमीटर में इसके द्रव्यमान का लगभग 98 प्रतिशत होता है। वायुमण्डल में वायु अधिक ऊँचाई पर बहुत पतला होता है। और अंतरिक्ष में कोई वायुमंडल होता नहीं होती है।

पृथ्वी सौरमंडल का एकमात्र ऐसा ग्रह है जिसमें जीवन रहने योग्य वातावरण है। वायुमंडल में प्राण दायनी ऑक्सीजन होती है जो जीवन के लिए अति आवश्यक होता है साथ ही सूरज से निकलने वाली गर्मी और हानिकारक विकिरण से बचने वाले गैस भी वायुमण्डल में विध्यमान हैं। 

पृथ्वी का वातावरण लगभग 300 मील मोटा है। लेकिन इसका अधिकांश भाग सतह से 16 किमी के भीतर होता है। ऊंचाई के साथ हवा का दबाव कम हो जाता है। समुद्र तल पर, हवा का दबाव लगभग 1 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर होता है। 10,000 फीट पर, हवा का दबाव 0.7 किलोग्राम प्रति वर्ग सेमी होता है।

वायुमंडल किसे कहते हैं - atmosphere in hindi

पृथ्वी पर जीवन के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है, लेकिन पृथ्वी के वायुमंडल में ऑक्सीजन की मात्रा सबसे अधिक नहीं है। पृथ्वी के वायुमंडल में लगभग 78 प्रतिशत नाइट्रोजन, 21 प्रतिशत ऑक्सीजन, 0.9 प्रतिशत आर्गन और 0.1 प्रतिशत अन्य गैसे है। कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, जल वाष्प और नियॉन की ट्रेस मात्रा कुछ अन्य गैसें हैं।

वायुमंडल की परतों के नाम

पृथ्वी के वायुमंडल को पाँच मुख्य परतों में विभाजित किया गया है।

  1. क्षोभमंडल - Troposphere 
  2. समतापमण्डल - Stratosphere
  3. मध्यमण्डल - Mesosphere
  4. आयन मंडल - Ionosphere
  5. बाह्यमण्डल- Extracurricular

वायुमंडल से गैस ऊपर की और बहती है जब तक कि गैसें अंतरिक्ष में फ़ैल नहीं जाती हैं। वायुमंडल और अंतरिक्ष के बीच कोई सीमा नहीं है। लेकिन सतह से लगभग 62 मील (100 किलोमीटर) की एक काल्पनिक रेखा है।जिसे वैज्ञानिकों ने वायुमंडल बाहरी सिमा कहा है।

1. क्षोभमंडल

क्षोभमंडल पृथ्वी की सतह के सबसे करीब की परत है। यह 4 से 12 मील (7 से 20 किमी) मोटी होती है और इसमें पृथ्वी का आधा वायुमंडल आता है। हवा जमीन के पास गर्म होती है और ऊपर की और उठने लगती है। वायुमंडल के लगभग सभी जल वाष्प और धूल इस परत में मौजूद हैं। इसीलिए यहां बादल पाए जाते हैं।

पृथ्वी की सतह के सबसे करीब की परत क्षोभमंडल है, जो सतह से लगभग 7 और 15 किलोमीटर की दूरी तक है। क्षोभमंडल भूमध्य रेखा पर सबसे मोटा है, और उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर बहुत पतला है। संपूर्ण वायुमंडल का अधिकांश भाग क्षोभमंडल में निहित है - लगभग 75 से 80 प्रतिशत के बीच। धूल और राख के कणों के साथ वायुमंडल में अधिकांश जलवाष्प क्षोभमंडल में पाए जाते हैं। क्षोभमंडल में तापमान ऊंचाई के साथ घटता जाता है।

2. समताप मंडल

समताप मंडल दूसरी परत है। यह क्षोभमंडल के ऊपर शुरू होता है और जमीन से लगभग 31 मील (50 किमी) ऊपर समाप्त होता है। यहां ओजोन प्रचुर मात्रा में होता है और सूर्य से आने वाले हानिकारक विकिरण को अवशोषित करते हुए वातावरण को गर्म करता है। यहां की हवा बहुत शुष्क होती है। इसका वातावरण समुद्र तल से लगभग हजार गुना पतला होता है। इसी कारण यहाँ पर जेट विमान और मौसम के गुब्बारे उड़ाए जाते हैं।

समताप मंडल पृथ्वी की सतह से ऊपर की अगली परत है। यह क्षोभमंडल के शीर्ष से लगभग 50 किलोमीटर की ऊँचाई तक पहुँचता है, जिसे ट्रोपोपॉज़ कहा जाता है। समताप मंडल में तापमान ऊंचाई के साथ बढ़ता है। ओजोन की एक उच्च सांद्रता, ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं से बना एक अणु, समताप मंडल की ओजोन परत बनाती है। यह ओजोन आने वाले कुछ सौर विकिरण को अवशोषित करता है, संभावित हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) प्रकाश को रोककर पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करता है।

3. मध्यमण्डल

समताप मंडल के ऊपर के क्षेत्र को मध्यमण्डल कहा जाता है। यहाँ तापमान फिर से कम होता जाता है, मध्यमण्डल पर तापमान लगभग -90 ° C तक पहुँच जाता है। समताप मंडल के ऊपर मध्यमंडल है, जो पृथ्वी की सतह से लगभग 85 किलोमीटर ऊपर तक पहुँचता है। 

मध्यमंडल में ऊंचाई के साथ तापमान कम होता जाता है। वास्तव में, वायुमंडल में सबसे ठंडा तापमान मध्यमंडल के शीर्ष के पास होता है - लगभग -90 डिग्री सेल्सियस। यहां का वातावरण पतला है, लेकिन फिर भी इतना मोटा है कि मध्यमंडल से गुजरते ही उल्काएं जल जाएंगी - जिससे हम "शूटिंग स्टार्स" के रूप में देखते हैं। मध्यमंडल की ऊपरी सीमा को मेसोपॉज़ कहा जाता है।

4. आयन मंडल

आयनमंडल पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल का हिस्सा है। जो लगभग 600 किमी से 1,000 किमी की ऊँचाई पर फैला हुआ है। यह परत वायुमंडलीय में बिजली बनाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अयन मंडल को चार भागो  में बांटा गया है। सूर्य की विकिरण और रेडियो तरंगो से इस परत में उपस्थित गैस नष्ट होने लगते है।

आयन मण्डल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है सिवाय इसके कि ऊंचाई के साथ तापमान बढ़ता है। सौर विकिरण आयन मण्डल के ऊपरी क्षेत्रों को बहुत गर्म बनाता है, तापमान 2,000 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।

5. बाह्यमण्डल

पृथ्वी के वायुमंडल का सबसे ऊपरी क्षेत्र है क्योंकि यह धीरे-धीरे अंतरिक्ष के वैक्यूम में बदल जाता है। बाह्यमण्डल में हवा बेहद पतली होती है - यह हवा शून्य के लगभग होता है। बाह्यमण्डल के नीचे की परत आयन मंडल है। दोनों के बीच की सीमा को थर्मोपॉज़ कहा जाता है। बाह्यमण्डल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का खिंचाव यहाँ इतना छोटा है कि गैस के अणु बाहरी अंतरिक्ष में चले जाते हैं।

वायुमंडल में कौन सी गैस पाई जाती है

नीचे गैस के नाम और प्रतिशत दिया गया है -

  • नाइट्रोजन - 78.09
  • ऑक्सीजन - 20.95
  • आर्गन - 0.93
  • कार्बन डाइआक्साइड - 0.03
  • निऑन - 0.0018
  • हाइड्रोजन - 0.001
  • हीलियम - 0.000524
  • क्रिप्टन - 0.0001
  • ज़ेनान - 0.000008
  • ओज़ोन - 0.000001
  • मीथेन - अल्प मात्रा
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