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अम्लीय वर्षा किसे कहते हैं - acid rain kiya hai

बारिश बूंदों के रूप में गिरती है जो वायुमंडलीय जल वाष्प से संघनित होता है और फिर गुरुत्वाकर्षण के कारण पानी की बूँद के रूप मे गिरता है। वर्षा जल चक्र का एक प्रमुख घटक है और पृथ्वी पर अधिकांश ताजे पानी को जमा करने के लिए जिम्मेदार है। जिसे वर्षा या रैन के नाम से जाना जाता हैं। अम्लीय वर्षा क्या है इस पर आगे चर्चा होगी?

अम्लीय वर्षा किसे कहते हैं

वायुमंडल में संचित कार्बन-डाइऑक्साइड, सल्फर-डाइऑक्साइड और नाइट्रिक ऑक्साइड वर्षा के दौरान जल से क्रिया करते है, जिनके परिणामस्वरूप वे वर्षा जल को अम्लीय जल में परिवर्तित कर देते है। जिसे अम्लीय वर्षा कहा जाता हैं। वर्षा जल के साथ मुख्यतया सल्फर और नाइट्रोजन ऑक्साइड के अवक्षेपण को अम्लीय वर्षा कहते है।

अम्लीय वर्षा क्या है acid rain kiya hai
अम्लीय वर्षा किसे कहते हैं

साधारणतया वायुमंडल में कार्बन-डाइऑक्साइड गैस विद्यमान रहती है। यह गैस बड़ी सरलता से जल में घुलकर कार्बोनिक अम्ल का निर्माण करती है। इस कारण वर्षा जल का पी. एच. मन सामान्य से कुछ कम 6.5 रहती है। 

परन्तु सल्फर-डाइऑक्साइड, सक्फर-ट्राइऑक्साइड तथा नाइट्रोजन ऑक्साइड गैसें जो वायु प्रदुषण के फलस्वरूप वायुमंडल में रहती है, वर्षा जल में अवशोषित होकर उसके पि एच में और कमी होती है। इस कारण वर्षा जल अम्ल वर्षा में परिवर्तित हो जाता है।

अम्ल वर्षा का क्या कारण है

अम्लीय वर्षा तब होता है जब सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOX) वायुमंडल में उत्सर्जित होते हैं और हवा और वायु धाराओं द्वारा ले जाया जाता है। SO2 और NOX पानी, ऑक्सीजन और अन्य रसायनों के साथ प्रतिक्रिया करके सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक एसिड बनाते हैं। फिर ये जमीन पर गिरने से पहले पानी और अन्य सामग्री के साथ मिल जाते हैं।

जबकि अम्ल वर्षा का कारण बनने वाले SO2 और NOX का एक छोटा हिस्सा ज्वालामुखी जैसे प्राकृतिक स्रोतों से होता है, इसका अधिकांश भाग जीवाश्म ईंधन के जलने से आता है। वायुमंडल में SO2 और NOX के प्रमुख स्रोत हैं:

  • बिजली पैदा करने के लिए जीवाश्म ईंधन को जलाना। 
  • वायुमंडल में दो तिहाई SO2 और NOX का एक चौथाई विद्युत ऊर्जा जनरेटर से आता है।
  • वाहन और भारी उपकरण।
  • विनिर्माण, तेल रिफाइनरी और अन्य उद्योग।

हवाएँ SO2 और NOX को लंबी दूरी और सीमाओं के पार उड़ा सकती हैं, जिससे अम्लीय वर्षा सभी के लिए एक समस्या बन जाती है, न कि केवल उन लोगों के लिए जो इन स्रोतों के करीब रहते हैं।

अम्लीय वर्षा का पीएच मान

अम्लता और क्षारीयता को पीएच पैमाने का उपयोग करके मापा जाता है जिसके लिए 7.0 तटस्थ है। किसी पदार्थ का pH जितना कम (7 से कम), उतना ही अधिक अम्लीय होता है; किसी पदार्थ का pH जितना अधिक (7 से अधिक), उतना ही अधिक क्षारीय होता है। 

सामान्य वर्षा का pH लगभग 5.6 होता है। यह थोड़ा अम्लीय है क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) इसमें घुलकर कमजोर कार्बोनिक एसिड बनाता है। अम्लीय वर्षा का पीएच आमतौर पर 4.2 और 4.4 के बीच होता है।

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