प्रश्न : बैल और किसान की कहानी

उत्तर :

एक गांव में किसान और उसकी पत्नी रहती थी। वे बहुत गरीब थे। किसान का जीवन यापन खेती से होता था। लेकिन एक साल खेती भी अच्छी नहीं हुई थी। किसान काम के तलास में दूसरे गांव जा रहा था।

रास्ते में एक सूखा जंगल पड़ता था। उसे पर करते करते एक बैल दिखाई देता हैं। वह बैल बहुत प्यासा था। और भूख से तड़प रहा था। वह एक जादुई बैल था। भगवान उस किसान की परिक्षा लेने के लिए उसे भेजा था।

किसान के बिना देरी किए अपने खाने और पानी को उस बैल को दे दिया। तभी वह बैल ने बोला मैं एक जादुई बैल हूं भगवान के मुझे भेजा हैं। अब मैं तुम्हारे सभी दुख दर्द को दूर कर दूंगा। तुम मुझसे कोई भी चीज मांग सकते हो।

किसान उसे लेकर अपने घर चला गया। उसकी पत्नी ने पूछा कोई काम मिला क्या? किसान ने जवाब दिया नहीं भाग्यवान। फिर उसकी पत्नी ने कहा खाने के लिए कुछ नहीं हैं और बैल को लेकर आ गए हो इसके खाने के लिए कहा से दाने लेकर आवोगे। 

किसान ने कहा अब हमारे दुख के दिन दूर हो जायेंगे भाग्यवान यह कोई साधारण बैल नही हैं। हम कोई भी समान इससे मानेंगे वो यह प्रगट हो जायेगा। 

तभी किसान के खाने के लिए चवन और दल मांगा। बैल ने जादू से चावल और दल प्रगट कर दिया। किसान अपनी जरूरतों के हिसाब से समान उस बैल से मांगता था। वह लाचल बिलकुल नहीं करता था।

किसान के पड़ोसी ने देखा रोज उसके पास खाने की कमी नहीं हो रही हैं और किसान काम पर भी नही जा रहा हैं। उसने किसान के घर में देखने के लिए गया। तभी उसे पता चला कि उसके पास बैल है वह जादुई है। 

उसके पड़ोसी ने उस बैल को चुराने का मन बनाया और रात को उसके घर गया और बैल को अपने घर लेकर आ गया। उसकी पत्नी ने पूछा की यह बैल किसका हैं। और तुम इसे क्यों ले हो। उसने कहा यह जादुई बैल है। देखी अभी जादू उसने बैल से सोने चांदी मांगी। लेकिन कुछ भी नही आया। उसका पड़ोसी हैरान हो गया। और उस बैल को वापस किसान के घर छोड़ आया। 

भाग्य और किस्मत से ज्यादा कुछ भी नही मिलता हमे मेहनत पर भरोसा करना चाहिए। हमे दूसरो से जलन नहीं करना चाहिए।

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