प्रश्न : किसान की कहानी - ek kisan ki kahani

उत्तर :

नमस्कार दोस्तों आज मैं आपके लिए किसान की कहानी लेकर आया हूं। आसा करता हु की आपको पसंद आएगा।

  1. किसान और चोर की कहानी
  2. किसान और पक्षियों की कहानी
  3. किसान और उसकी पत्नी की कहानी

किसान और चोर की कहानी 

एक गांव में एक किसान रहता था। उसके घर के आसपास कई फलों के पेड़ थे और वह किसान साल भर उनकी देखभाल करता था। पके फलों को बाजार में बेच देता था। जो पैसे मिलते थे उससे वह अपना जीवन यापन करता था।

एक दिन किसान अपने बगीचे मे फल उठा रहा था, उसने देखा कि एक चोर पेड़ की शाखा पर बैठा है और फल तोड़ रहा है।

उसे देखकर किसान बहुत गुस्सा हो गया और चोर से कहा, तुम कौन हो? क्या तुम्हें फल चुराते शर्म नहीं आती?

पेड़ की डाली पर बैठे चोर ने किसान को कोई जवाब नहीं दिया और फल तोड़ता रहा।

किसान ने फिर कहा, मैंने इन पेड़ों की पूरे साल देखभाल की है। तुम्हें मेरी अनुमति के बिना फल नहीं तोड़ना चहिए।

चोर ने किसान को मूर्ख बनाने की सोची और बोला, मैं नीचे क्यों आऊं? यह भगवान का बगीचा है और मैं भगवान का सेवक हूँ, तुम्हें भगवान के काम और उसके सेवक के बीच में नहीं आना चाहिए।

यह सुनकर किसान ने घर से लाठी लेकर और उस लाठी से चोर को मारने लगा। चोर चिल्लाने लगा, तुम मुझे क्यों मार रहे हो?

किसान ने कोई ध्यान नहीं दिया और लगातार मारता करता रहा। चोर बोला, क्या तुम भगवान से नहीं डरते? तुम एक निर्दोष व्यक्ति को मार रहे हैं। तुमको सज़ा अवश्य मिलेगी।

किसान मुस्कुराया और जवाब दिया, मुझे क्यों डर लगेगा। मेरे हाथ की यह लाठी भी भगवान की है। मैं भी भगवान् का सेवक हूँ। तुम भगवान् के काम और उसके सेवक के बीच में तुम्हें नहीं आना चाहिए।

यह सुनकर चोर चुप हो गया और उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। वह पेड़ से नीचे आया और कहा, रुको, मुझे मत मारो। फल चुराने के लिए मुझे क्षमा करें। मैं ऐसा फिर कभी नहीं करूंगा। कृपया मुझे माफ़ करें।

किसान ने उत्तर दिया, जब से तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है। तो मैं तुम्हें जाने दूंगा लेकिन याद रखना तुम्हें भगवान के नाम पर दूसरों को मूर्ख बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

किसान और पक्षियों की कहानी

एक गाँव में एक किसान रहता था, गाँव के बाहर उसका एक छोटा सा खेत था। फसल बुवाई के बाद, एक पक्षी ने उसके खेत में घोंसला बना लिया।

कुछ समय बाद, पक्षी ने दो अंडे दिए और जल्द ही उसका बच्चा उन अंडों से निकल गया। चिड़िया और उसके बच्चे आराम से उस खेत में अपना जीवन व्यतीत करने लगे।

कुछ समय बाद जब फसल काटने का समय आया। एक दिन जब पक्षी भोजन की तलाश में दूर गए थे, तो खेत में पक्षी के बच्चे ने किसान को यह कहते सुना, मैंने पड़ोसी को कल फसल काटने के लिए कहा है।

यह सुनकर चिड़िया के बच्चे डर गए। जब उनकी माँ वापस आई, तो बच्चों ने उसकी माँ से कहा आज यहाँ आखिरी दिन है। हमें रात में यहाँ से जाना चाहिए।

चिड़िया ने कहा अभी समय नहीं आया हैं। मुझे नहीं लगता कि कल खेत में कोई कटाई होगी।

चिड़िया ने जो कहा वह सच साबित हुआ। अगले दिन किसान का पड़ोसी खेत में नहीं आया और फसल की कटाई नहीं हो सकी।

शाम को किसान खेत में आया और देखा कि फसल की फसल की कटाई नहीं हुई है। अब मुझे अपने रिश्तेदार से कल कटाई शुरू करने के लिए कहना होगा।

चिड़िया के बच्चों ने फिर किसान की बात सुनी और डर गए। उन्होंने इसके बारे में अपनी मां को बताया।

चिड़िया ने अपने बच्चों से कहा, तुम लोग चिंता मत करो। हमें आज रात जाने की जरूरत नहीं है। मुझे नहीं लगता कि किसान के रिश्तेदार कल आएंगे।

पक्षी फिर से सही था। अगले दिन किसान का रिश्तेदार खेत में नहीं आया।

चिड़िया के बच्चे हैरान थे। जो कुछ चल रहा था, वह उनकी माँ के कहने के अनुसार हो रहा था।

अगली शाम जब किसान खेत पर आया, तो खेत को ऐसा देख कर किसान ने कहां कल मैं खुद आकर फ़सल की कटाई शुरू करूँगा। कोई भी फसल काटने नही आ रहे हैं। अब मुझे खुद काम पर लगना होगा।

पक्षी के बच्चों ने यह बात सुनी और अपनी माँ को इसके बारे में बताया।

चिड़िया ने कहा, बच्चों अब इस खेत को छोड़ने का समय आ गया है। हम आज रात इस खेत को छोड़कर दूसरी जगह चले जाएंगे।

दोनों बच्चे हैरान रह गए और अपनी माँ से पूछा, दो बार तो हम नहीं गए लेकिन इस बार हम आज रात क्यों जा रहे हैं?

चिड़िया ने उत्तर दिया, बच्चो, पिछली दो बार किसान फसल कटाई के लिए दूसरे पर निर्भर था और उसने दूसरों को करने के लिए कहकर अपना काम छोड़ दिया है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इस बार उन्होंने अपने कंधे पर जिम्मेदारी ली है। तो वह जरूर आएगा। उसी रात पक्षी और उसके बच्चें उस खेत से उड़ गए।

किसान और उसकी पत्नी की कहानी

एक गांव में एक किसान और उसकी पत्नी रहती थी। किसान ने अपनी पत्नी से कहा, तुम आलसी हो। सुस्ती से काम करती हो। तुम अपना समय बर्बाद करती रहती हो।

किसान की पत्नी अपने पति की बातों पर नाराज़ हो गई। उसने अपने पति से कहा, तुम गलत कह रहे हो। कल घर पर रहो तब तुम्हे पता चलेगा की घर में कितने काम होते है। मैं कल से खेत में जाऊँगी।

किसान ने खुशी से कहा, बहुत अच्छा। मैं कल से घर का काम कर दूंगा। इसके कौन से बड़ी बात हैं।

पत्नी ने कहा, गाय का दूध निकल लेना। सूअरों को चारा देना। सभी बर्तन को साफ करना। और मुर्गी का ख्याल रखना। और खाना बनाकर रखना।

किसान की पत्नी खेत में गई। किसान घर का काम करने लगा। वह एक बर्तन लेकर गाय के पास दूध निकालने गया। उसने गाय से दूध निकालने की कोशिश करने लगा तभी गाय ने एक लात लगाई। किसान दूर गिर पड़ा। उसके बाद वह सुअर को चारा देने गया। उसने वहाँ छत से सिर टकरा गया। फिर किसान मुर्गीयो को चारा देने गया तो सभी मुर्गी भाग गई। जिसमे से कई मुर्गी लोमडी का शिकार बन गए।

शाम होने पर किसान की पत्नी खेत से लौटी। किसान ने शर्म से सिर झुका लिया। इसके बाद किसान ने अपनी पत्नी माफी मांगी और कभी भी शिकायत नहीं किया।

Related Posts

Subscribe Our Newsletter