सच्चे प्यार की कहानी - love story Hindi me

श्याम नाम का एक लड़का था और सुमन नाम की एक लड़की थी। लगभग दोनों का उम्र 6 और 7 साल की होगी। दोनो नदी किनारे खेल रहे थे।

लड़के के पास बहुत सारे कंचे थे। लड़की के पास कुछ मिठाइयाँ थी। दोनो ने फैसला किया की आपस में समान बदली करेंगे। श्याम ने सुमन से कहा कि वह उसके साथ मिठाई के बदले अपने सारे कंचे उसे दे देगा।

दोनो अपने अपने घर चले गए। श्याम ने सबसे सुंदर और सबसे बड़े कंचे अपने पास रख लिया था और बचे हुए कंचे उसे दे दिए थे। लड़की ने वादे के मुताबिक उसे अपनी सारी मिठाइयाँ श्याम को दिया था। उस रात सुमन चैन की नींद सोई क्योंकि उसे किसी बात की चिंता नहीं थी।

लेकिन श्याम सो नहीं सका क्योंकि वह सोचता रहा कि क्या सुमन ने उसकी तरह कुछ मिठाइयाँ तो छिपाई होगी। जैसे उसने अपना सबसे अच्छे कंचे छिपाए थे।

सच्चे प्यार की कहानी - love story Hindi me

अगले दिन दोनो फिर से मिले और श्याम ने सुमन से पूछा की तुमने मिठाईयां छुपाई हैं क्या?सुमन ने जवाब दिया नहीं। सुमन ने कहा चलो कंचे खेलते हैं। दोनो कंचे खेलने लगे।

ऐसा ही चलता रहा दोनो बड़े हो गए। श्याम सुमन की सादगी से प्यार करने लगा था। दोनो रोज मिलते थे। दोनो की उम्र लगभग 22 साल हो गई थी। सुमन को पता नहीं था की श्याम उससे प्यार करता हैं।

श्याम को अपने दिल को बात सुमन को नहीं बता पा रहा था। दोनो एक ही कॉलेज जाते थे। सुमन किसी और लड़के से बाद करती थी तो श्याम जल भुन जाता था।

कॉलेज में बिट्टू श्याम का दोस्त था। दोनो अधिकतर साथ रहते थे। और बिट्टू को श्याम और सुमन के बारे में पता था। की श्याम प्यार करता हैं। ऐसे ही कई दिन बीत गए। एनुअल फंक्शन के दिन कॉलेज में प्रोग्राम होने वाला था। श्याम के सभी दोस्तो ने उसे भाग लेने को कहा और सुमन भी भाग ले रही थी। 

बिट्टू श्याम को अपनी मन की बात सुमन को बोलने को कहता हैं। रात हो गई श्याम और सुमन दोनो सबसे पहले कॉलेज आ जाते है। क्योंकि श्याम ने जल्दी जाने की जिद की थी।  

तभी एक लड़का आ गया और सुमन से बात करने लगा। श्याम प्यार का इजहार किए बिना वहा से चला गया। एक लड़का उसके पास आया उसने कहा की वो दोनो असम में प्यार करते हैं। तुम सुमन से दूर रहो।

श्याम कॉलेज के छत पर जाकर बैठ गया कुछ देर बाद सुमन श्याम को ढूंढती हुई आई और श्याम को इस तरह बैठे थे। पूछती है क्या हुआ श्याम। वो कुछ नही बोला और नीचे चला गया।

सुमन उसकी नाराजगी दूर करने के लिए पीछे जाती हैं। पर श्याम उस लड़के की बात को याद कर गुस्सा करने लगा। बिट्टू श्याम को ढूंढते हुए आया। फिर सुमन वहा से चली जाती हैं। 

बिट्टू श्याम से कहता हैं की वो लड़का सुमन को पाने के लिए तुझे झूठ बोल रहा हैं। सुमन उससे प्यार नही करती हैं। मैने उनकी बाते सुनी हैं। जा आज अपने दिल की बात बोल दे।

श्याम दौड़ते हुए सुमन के पास जाता है। और सुमन को l love you बोल देता हैं। सुमन भी पचपन से श्याम से प्यार करती थी। पर बोल नही रही थी। उसने भी अपने प्यार का इजहार किया।

कहानी की शिक्षा

यदि आप किसी रिश्ते में 100 प्रतिशत नहीं देते हैं, तो आप हमेशा संदेह करते रहेंगे। यह प्यार, दोस्ती या किसी अन्य रिश्ते पर भी लागू होता हैं। आपके मन में जो भी सवाल हो जल्द से जल्द उसे बोल देना चाहिए।

सच्चे प्यार की कहानी

1. हीर रांझा

भारत के इतिहास में प्रेम की मिसाल हीर और रांझा की दी जाती है। कहा जाता था कि हीर समाज के उच्च वर्ग की लड़की थी, जबकि रांझा एक निचली जनजाति का था। उनकी प्रेम कहानी का अक्सर उनके वर्ग में अंतर के कारण विरोध किया जाता था। कहानी ने एक दुखद मोड़ ले लिया जब हीर को उसके ईर्ष्यालु चाचा ने जहर दे दिया, और टूटे दिल वाले रांझा ने भी उसके साथ मरने का फैसला किया।

2. अनारकली सलीम

"जब प्यार किया तो डरना क्या?", इस अमर प्रेम-स्नेही जोड़ी को विभिन्न नाटकों और फिल्मों के माध्यम से वर्षों से जीवित रखा गया है। यह माना जाता था कि राजकुमार सलीम और अनारकली की प्रेम कहानी में कुछ परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, क्योंकि अनारकली सलीम के पिता अकबर के दरबार में एक वेश्या थी। 

दोनो की प्रेम खबर को सुनकर दुखी होकर अकबर ने अपने ही बेटे सलीम के खिलाफ युद्ध भी छेड़ दिया। और दुर्भाग्य से, अकबर जीत गया, और अनारकली ने सलीम को बचाने के लिए खुद को बलिदान कर दिया।

3. शाहजहाँ मुमताज महल

शाहजहाँ और अपनी दूसरी पत्नी मुमताज महल के लिए उनका शाश्वत प्रेम आज की पीढ़ी के जोड़ों के लिए काफी पसंदीदा है। शाहजहाँ ने अपनी प्रेमिका को सम्मानित करने के लिए ताजमहल का निर्माण किया, जो दुनिया के अब तक के सबसे महान सात अजूबों में से एक है। ऐसा कहा जाता है कि यह एक मकबरा है जिसके नीचे मुमताज महल का शव दफनाया गया है। उनके प्यार के उपहार को सभी आयु वर्ग के प्रेमी प्यार करते हैं।

4. बाजीराव मस्तानी

छत्रपति शाहूजी के सेनापति पेशवा बाजी राव को मस्तानी से प्यार हो गया। इतिहास मस्तानी की पारिवारिक पृष्ठभूमि का पता लगाने में सक्षम नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि बाजीराव के परिवार ने उनके मिलन का विरोध किया था। इन सबके बावजूद, बाजीराव ने उससे शादी की, और उनकी प्रेम कहानी ने एक दुखद मोड़ ले लिया जब युद्ध में बाजी राव की मृत्यु हो गई और मस्तानी ने आत्महत्या कर ली।

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