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विराम-चिन्ह किसे कहते हैं - purn viram chinh in hindi

आज के इस पोस्ट में हम जानेंगे विराम चिन्ह के बारे में इसके बारे में जाने इससे पहले आपको बता दे की हमने अपने ब्लॉग पर एक सीरीज चालु की हुई है जिसमें हम आपको अभी हिंदी व्याकरण के बारे में बता रहे हैं। 

इस पोस्ट को लिखने से Just पहले मैंने एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें मैंने आपको बताया था। वाक्य (जिसे अंग्रेजी में Syntax कहते हैं) के बारे में आप चाहें तो वो पोस्ट पढ़ सकते हैं। 

चलिए शुरु करते हैं आज का पोस्ट विराम चिन्ह के अर्थ से -

विराम-चिन्ह किसे कहते हैं

विराम का अर्थ होता है ठहराव अर्थात रुकना। हिंदी भाषा में हो या अन्य किसी अंग्रेजी में जब इसको लिखित रूप में प्रयोग किया जाता है तो विशेष स्थानों पर रुकने के लिए या यूं कहें रुकने का संकेत करने के लिए विराम चिन्ह का प्रयोग किया जाता है। जैसे -

निम्न वाक्यों को पढ़कर देखें -

मनोज मुन्तशिर को रोको, मत जाने दो। 

मनोज मुन्तशिर को रोको मत, जाने दो। 

आपको अब पता चल ही गया होगा की एक अल्पविराम का कितना महत्व होता है और इसके प्रयोग करने तथा न करने पर कितना अधिक अर्थ में परिवर्तन हो जाता है। तथा अलग-अलग अर्थ प्रकट करता है। 

वैसे तो अलग-अलग प्रकार के विराम चिन्ह अलग-अलग भाषा में प्रयुक्त होते हैं यहां चुकी हम हिंदी व्याकरण पढ़ रहें हैं तो हिंदी भाषा में प्रयुक्त विराम-चिन्ह के बारे में पढ़ेंगे जो की इस प्रकार है -

  1. पूर्ण विराम (Full stop) (।)
  2. प्रश्नवाचक ( Question mark ) (?) 
  3. विषमयसूचक (exclamation mark)(!)
  4. अर्ध विराम (Semicolon) (;)
  5. अप्ल विराम (Comma) (,)
  6. विवरण चिन्ह (Colon) (: / :-)
  7. योजक चिन्ह (Adder Symbol) (-)
  8. निर्देशक चिन्ह (Das) ( _ )
  9. उद्धरण चिन्ह (Inverted Commas) ( " " / ' ' )
  10. कोष्ठक (Brackets) ( ( ) [ ] )

अब इनको उदाहरण और किस प्रकार प्रयोग किया जाता है उसके आधार पर समझने का प्रयास करें -

1. पूर्ण विराम ( । ) - यह चिन्ह वाक्यों के अंत में लगता है; जैसे -

  1. सभी लोग स्कूल जाते हैं। 
  2. मैं महासमुंद कॉलेज जाता हूँ। 

2. प्रश्नवाचक चिन्ह - ( ? ) - यह चिन्ह प्रश्न करने वाले वाक्यों के अंत में लगाया जाता है; जैसे -

  1. महात्मा गाँधी कौन था?
  2. क्या आप सराईपाली कॉलेज जा रहें हैं?

3. विस्मय सूचक ( ! ) - यह चिन्ह घृणा, विस्मय , शोक, हर्ष या आश्चर्य के भाव को प्रकट करने के लिए या किसी को संबोधित करने के लिए लगाया जाता है; जैसे -

  1. वाह! कितना सुंदर मीनार है। 
  2. अरे! तुम्हें छत्तीसगढ़ के बारे में नहीं पता?
4. अर्ध विराम ( ; ) - यह चिन्ह एक से अधिक समानाधिकरण उपवाक्यों के बीच तथा एक ही वाक्य में दो भिन्न बातों को अलग करने के लिए लगाए जाते हैं; जैसे -

  1. विद्या धन अनमोल है; खर्च करने से बढ़ता है। 
  2. माता जी आ गई हैं; पिता जी न जाने कब आएँगे। 

5. अल्प विराम ( , ) - इन चिन्हों से वाक्य के बीच में अर्ध विराम की अपेक्षा कम रुकना हो, तब इसका प्रयोग होता है तथा वाक्य में आए एक ही जाति के पदों, पदबंधों या उपवाक्यों के बीच में इसका प्रयोग किया जाता है; जैसे -

  1. आज हर्ष, मोनू और प्रीति विद्यालय नहीं आए। 
  2. नहीं, मैं खीरा नहीं खाता। 

6. विवरण चिन्ह ( : / :- ) - यह चिन्ह किसी विषय के व्यापक जानकारी के पूर्व या पहले लगाया जाता है; जैसे -

  1. लिंग के दो भेद होते हैं : स्त्रीलिंग और पुल्लिंग। 
  2. भारतीय सभ्यता का सूत्र है : सत्यम शिवम् सुंदरम। 

7. योजक चिन्ह ( - ) - यह चिन्ह दो शब्दों के बीच लगाए जाते हैं जो किसी संबंध के कारण एक साथ आते हैं; जैसे - 

  1. राम-सा पुत्र, लक्ष्मण-सा भाई, सीता-सी पत्नी। 
  2. माता-पिता, सुख-दुःख, छोटा-बड़ा। 

8. निर्देशक चिन्ह ( -- ) - यह चिन्ह किसी कथन के पूर्व (पहले), उदाहरण देने तथा कवि-लेखक का नाम लिखने के पूर्व (पहले) आदि स्थानों पर लगाए जाते हैं; जैसे - 

  1. महात्माँ गांधी ने कहा - करो या मरो। 
  2. जयशंकर प्रसाद - कामायनी। 

9. उद्धरण चिन्ह ( " ", ' ' ) - यह चिन्ह प्रत्यक्ष कथन में तथा किसी विशेष नाम या शीर्षक को उद्धृत करते समय लगाया जाता है। यह चिन्ह दो प्रकार के होते हैं - इकहरे उद्धरण चिन्ह तथा दुहरे उद्धरण चिन्ह। 

  1. माँ ने कहा, " मैं बाजार जा रही हूँ। "
  2. 'भ्रमर गीत' सूरदास की रचना है। 

10. कोष्टक ( ) , [ ] - यह चिन्ह क्रमसूचक अंकों या अक्षरों के साथ तथा वाक्य के बीच में किसी शब्द का अर्थ या भाव देने हेतु लगाया जाता है; जैसे - 

  1. सिद्धार्थ (गौतम बुद्ध) की पत्नी यशोधरा थी। 
  2. मेरे विद्यालय का नाम ( राजकीय माध्यमिक विद्यालय ) है। 

आइये देखें हमने क्या सीखा 

  • विराम चिन्ह का अर्थ है - रुकना अर्थात ठहराव। भाषा के लिखित रूप में विशेष स्थानों पर रूकने का संकेत करने वाले चिन्ह विराम चिन्ह कहलाते हैं। 
  • विराम-चिन्ह - पूर्ण विराम, प्रश्नवाचक चिन्ह, विस्मयसूचक चिन्ह, अर्ध विराम, अल्प विराम, विवरण चिन्ह, योजक चिन्ह, निर्देशक चिन्ह, उद्धरण चिन्ह और कोष्ठक। 

अभ्यास 

सोचिए और बताइये 

(क) आप किसका घर पूछ रहें हैं वाक्य में कौन-से विराम चिन्ह का प्रयोग होगा? बताओ। 

उत्तर - इसमें प्रश्नवाचक चिन्ह का प्रयोग होगा जो की वाक्य के अंत में प्रयोग किया जाता है। 

(ख) अल्प विराम का प्रयोग कब होता है?

उत्तर - अल्प विराम का प्रयोग अर्ध विराम की अपेक्षा कम रूकने जगह पर और वाक्य में आए एक ही जाति के पदों, पदबंधों या उपवाक्यों के बीच में होता है। 

(ग) निर्देशक चिन्ह के कोई दो उदाहरण बताओ। 

उत्तर - निर्देशक चिन्ह के दो उदाहरण इस प्रकार हैं -

सभाष चंद्र बोस ने कहा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा। 

हरिवंश राय बच्चन - अग्निपथ। 

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए -

(क) विराम-चिन्ह से आप क्या समझते हैं?

उत्तर - विराम चिन्ह ऐसे चिन्ह होते हैं जिसका प्रयोग भाषा के लिखित रूप में विशेष स्थानों पर रुकने का संकेत करने के लिए किया जाता है।

(ख) हिंदी भाषा में कितने प्रकार के विराम चिन्हों का प्रयोग किया जाता है? प्रत्येक का एक एक उदाहरण दो। 

उत्तर - हिंदी भाषा में 10 (दस) प्रकार के विराम चिन्ह का प्रयोग किया जाता है जिसके उदाहरण इस प्रकार हैं -

  1. पूर्ण विराम - मैं दिल्ली में रहता हूँ। 
  2. प्रश्नवाचक - क्या तुमने कभी ऐसा सोचा था?
  3. विस्मय सूचक चिन्ह - अरे! आज तो मजा गया। 
  4. अर्ध विराम - कहना आसान है ;  करना मुश्किल। 
  5. अल्प विराम ( , ) - नहीं, मैं घी नहीं खाता। 
  6. विवरण चिन्ह ( : / :- ) - भारतीय सभ्यता का सूत्र है: सत्यम शिवम् सुंदरम। 
  7. योजक चिन्ह ( - ) - माता-पिता, छोटा-बड़ा, सुख-दुःख। 
  8. निर्देशक चिन्ह (--) - महादेवी वर्मा ने अपनी कविता में लिखा था -- मैं नीर भरी दुःख की गगरी। 
  9. उद्धरण चिन्ह (" ", '  ') - माँ ने कहा, "मैं बाजार जा रही हूँ। "
  10. कोष्ठक ( ), [ ] - मेरे महाविद्यालय का नाम (शांत्रीबाई विज्ञान, कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय) है। 

(ग) उद्धरण चिन्ह कितने प्रकार के होते हैं?

उत्तर - उद्धरण चिन्ह के प्रकार की बात करें तो यह दो प्रकार के होते हैं - इकहरे उद्धरण चिन्ह ( '   ' ) और दोहरे उद्धरण चिन्ह ( "    " )। 

2. बॉक्स में दिए गए शब्दों से खाली स्थानों को भरिये -

विस्मयसूचक चिन्ह, उद्धरण चिन्ह, पूर्ण विराम, विवरण चिन्ह, कोष्ठक चिन्ह 

(क) ( । ) यह चिन्ह ---पूर्ण विराम---का प्रतीक है। 

(ख) ( ! ) यह चिन्ह ---विस्मयसूचक चिन्ह--- का प्रतीक है। 

(ग) ( : / :- ) यह चिन्ह ---विवरण चिन्ह--- का प्रतीक है। 

(घ) (" ", ' ') यह चिन्ह ---उद्धरण चिन्ह--- का प्रतीक है। 

(ङ) ([ ] / ( ) ) यह चिन्ह ---कोष्ठक--- का प्रतीक है। 

3. सही मिलान कीजिये 
प्रश्नवाचक चिन्ह( , )
अल्प विराम( ? )
विवरण चिन्ह( ! )
उद्धरण चिन्ह( [ ] / () )
कोष्ठक चिन्ह( '  ' / "   ")
सही मिलान इस प्रकार होगा -
प्रश्नवाचक चिन्ह( ? )
विष्मयादिबोधक( ! )
अल्प विराम( , )
विवरण चिन्ह( : / :- )
उद्धरण चिन्ह( '  ' / "  " )
कोष्ठक चिन्ह( [  ] / ( ) )

4. निम्नलिखित वाक्यों में सही स्थान पर उचित चिन्ह लगाइए -

(क) आपने खाना खा लिया 

उत्तर - आपने खाना खा लिया। 

(ख) सुभाष चंद्र बोस ने कहा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा

उत्तर - सुभाषचंद्र बोस ने कहा - तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूँगा। 

(ग) लिंग दो प्रकार के होते हैं स्त्रीलिंग और पुल्लिंग। 

उत्तर - लिंग दो प्रकार के होते हैं - स्त्रीलिंग और पुल्लिंग। 

(घ) अरे तुम सो जाओ 

उत्तर - अरे! तुम सो जाओ। 

(ङ) वह परिश्रमी तो बहुत है पर सफल नहीं होता है

उत्तर - वह परिश्रमी तो बहुत है, पर सफल नही होता है। 

(च) मोहित बोला मैं पाँच मिल से चलकर आ रहा हूँ 

उत्तर - मोहित बोला - मैं पाँच मिल से चलकर आ रहा हूँ। 

(छ) मैंने एक ही सपना देखा है भारत का महान लेखक बनूँ

उत्तर - मैंने एक ही सपना देखा है; भारत का महान लेखक बनु। 

5. निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़कर उचित विराम-चिन्ह लगाइए -

एक प्रसिद्ध कवि और नाटककार ने कहा है समय को मैंने नष्ट किया अब समय मुझे नष्ट कर रहा है मनुष्य का जीवन अनमोल है उसी तरह समय भी अमूल्य है समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता जो व्यक्ति समय के साथ नहीं चलता वह जीवन में पिछड़ जाता है इसलिए हमें समय का सदुपयोग करना चाहिए 

उत्तर - एक प्रसिद्ध कवि और नाटककार ने कहा है, समय को मैंने नष्ट किया अब समय मुझे नष्ट कर रहा है। मनुष्य का जीवन अनमोल है। उसी तरह समय भी अमूल्य है, समय किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। जो व्यक्ति समय के साथ नहीं चलता, वह जीवन में पिछड़ जाता है। इसलिए हमें, समय का सदुपयोग करना चाहिए। 

आपको यह पोस्ट कैसा लगा मेरे साथ साझा जरूर करें। ताकि मुझे मोटिवेशन मिलता रहे और आपके लिए पोस्ट लिखता रहूँ। 

इस पोस्ट को इतना प्यार देने के लिए प्रेम पूर्वक मेरे साथ बने रहने के लिए दिल की गहराइयों से बहुत-बहुत धन्यवाद!

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