स्विस संघीय न्यायालय के संगठन एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।

 विट्जरलैण्ड एक संघ राज्य है और न्यायपालिका के अन्तर्गत संघीय क्षेत्र में एक ही संस्था है, जिसे संविधान ने नाम दिया है - स्विस संघीय न्यायाधिकरण । स्विस संघीय न्यायाधिकरण

स्विस संविधान के अनुच्छेद 106 में कहा गया है संघीय मामलों के न्याय प्रशासन के लिए संघीय न्यायालय की स्थापना की जायेगी। संविधान की इस व्यवस्था के अनुसार 18.18 ई. में संघीय न्यायाधिकरण की स्थापना की गयी।  लेकिन 1848 ई. के संविधान द्वारा स्थापित इस संघीय न्यायाधिकरण की शक्तियाँ बहुत अधिक सीमित थीं और न्यायिक क्षेत्र का अधिकांश कार्य संघीय सभा और संघीय परिषद् के द्वारा किया जाता था। 

1874 ई. में संविधान में जो पूर्ण संशोधन किया गया, उसके द्वारा संघीय न्यायाधिकरण की शक्तियों में वृद्धि की गयी। इसके बाद 1907 ई. में संघीय न्यायाधिकरण को दीवानी संहिता के सम्बन्ध में शक्तियाँ प्रदान की गयीं। 1929 ई. में इसे प्रशासनिक कानूनों के अन्तर्गत शक्तियाँ दी गयीं और 1937 ई. में इसे फौजदारी संहिता के अन्तर्गत अधिकार प्रदान किये गये । 

 स्विस संघीय न्यायालय के संगठन एवं कार्यों का वर्णन कीजिए।

वर्तमान समय में यद्यपि रिवस संघीय न्यायालय को समस्त प्रशासनिक तन्त्र में वह स्थिति प्राप्त नहीं है जो स्थिति संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत, आदि संघ राज्यों में सर्वोच्च न्यायालय को प्राप्त है, लेकिन 1848 ई. की तुलना में संघीय न्यायालय के अधिकार-क्षेत्र में वृद्धि और उसकी स्थिति में सुधार ही हुआ है।

रचना - संविधान द्वारा संघीय न्यायाधिकरण के न्यायाधीशों की संख्या निश्चित नहीं की गयी है । संघीय सभा समय-समय पर इसके सदस्यों की संख्या निश्चित करती है। 1875 ई. में केवल 9 न्यायाधीश थे, परन्तु अब संघीय सभा द्वारा पारित कानून के अनुसार इनकी संख्या 26 से 28 तक हो सकती है। इसके अतिरिक्त, 11 से 13 तक वैकल्पिक न्यायाधीश हो सकते हैं। 

इस समय संघीय न्यायाधिकरण में 26 न्यायाधीश तथा 12 वैकल्पिक न्यायाधीश हैं। नियमित न्यायाधीश अपना कार्य करने में असमर्थ होने की स्थिति में उनके स्थान पर वैकल्पिक न्यायाधीश द्वारा कार्य किया जाता है। इन सभी न्यायाधीशों को संघीय सभा 6 वर्ष के लिए निर्वाचित करती है । 

न्यायाधीशों के पुनःनिर्वाचन पर कोई प्रतिबन्ध नहीं है और परम्परा के अनुसार न्यायाधीश जब तक इस पद पर कार्य करना चाहें, पुनर्निवाचित होते रहते हैं। इस सम्बन्ध में कोई आयु सम्बन्धी प्रतिबन्ध तो नहीं है, लेकिन व्यवहार में न्यायाधीश उस वर्ष त्यागपत्र दे देते हैं जिस वर्ष उनकी आयु 70 वर्ष हो जाती है। इस पुनर्निर्वाचन के आधार पर न्यायाधीशों के निरन्तर अनुभव से लाभ उठाया जा सकता है। 

सामान्यतया ऐसा समझा जाता है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति हेतु निर्वाचन की पद्धति को अपनाने से न्यायिक स्वतन्त्रता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है और वे राजनीतिक प्रभाव में कार्य करते हैं लेकिन स्विट्जरलैण्ड में पुनर्निर्वाचन की परम्परा अपनाये जाने के कारण यह आशंका लगभग समाप्त हो गयी है। 

संघीय न्यायाधिकरण का एक प्रधान तथा एक उप-प्रधान होता है जिसका निर्वाचन संघीय सभा द्वारा दो वर्ष की अवधि के लिए किया जाता है। प्रधान या उप-प्रधान पद पर तुरन्त ही दूसरी अवधि के लिए इनमें से किसी को निर्वाचित नहीं किया जा सकता ।

योग्यताएँ - संविधान में न्यायाधीशों की योग्यता के सम्बन्ध में कोई उल्लेख नहीं है। संविधान में केवल यह कहा गया है कि कोई भी रिवस नागरिक जो राष्ट्रीय परिषद् का सदस्य बनने की योग्यता रखता हो, संघीय न्यायालय का न्यायाधीश निर्वाचित हो सकता है, केवल यह प्रतिबन्ध है कि संघीय सभा या संघीय परिषद् के सदस्य या उनके द्वारा नियुक्त पदाधिकारी इन पदों पर निर्वाचित नहीं हो सकते । 

यद्यपि न्यायाधीश के पद के लिए कानूनी योग्यता निर्धारित नहीं की गयी है, किन्तु व्यवहार में न्याय सम्बन्धी ज्ञान और अनुभव रखने वाले व्यक्ति ही इस पद पर निर्वाचित होते हैं। एक विधि के अनुसार दो निकट सम्बन्धी न्यायालय के एक साथ सदस्य नहीं हो सकते। 

एक परम्परा भी स्थापित हो गयी कि मुख्य राजनीतिक दलों एवं प्रोटेस्टेन्ट तथा कैथोलिक धर्मों तथा तीनों मुख्य भाषाओं के प्रतिनिधियों को न्यायालय में स्थान दिया जाता है।

वेतन, आदि - एक संघीय न्यायाधीश को 53 हजार स्विस फ्रेंक वार्षिक वेतन मिलता है। न्यायाधिकरण के प्रधान को 3,600 फ्रेंक और उप-प्रधान को 2,400 फ्रेंक अतिरिक्त मिलते हैं। वैकल्पिक न्यायाधीशों को कोई नियमित वेतन नहीं मिलता, वरन् उन्हें उनके सेवाकाल के दिनों में भत्ता मिलता है। 

जब उनकी आयु 60 वर्ष की हो जाती तो उन्हें पेंशन पाने का भी अधिकार है, यदि वे कम-से-कम 10 वर्ष तक इस पद पर कार्य कर चुके हैं। सेवाकाल अनुसार उनके वेतन का 40 से 60 प्रतिशत तक भाग पेंशन के रूप में मिलता है। 

संघीय न्यायाधिकरण का मुख्य स्थान वार्ड कैण्टन की राजधानी लासेन नगर है। सभी न्यायाधीशों को वहीं रहना होता है, परन्तु राजनीतिक और नागरिक अधिकार उन्हें उस कैण्टन से प्राप्त होते हैं, जिसके वे निवासी हैं। संघीय न्यायाधिकरण के न्यायाधीश अपने पद पर रहते हुए न तो संघीय सरकार या कैण्टनों की सरकारों के अधीन कोई नौकरी कर सकते हैं और न किसी निजी व्यवसाय या उद्योग का संचालन कर सकते हैं। 

संघीय न्यायाधिकरण के विभाग

संघीय न्यायाधिकरण के कार्य को अधिक सुचारू रूप से चलाने के लिए इसे तीन भागों में बाँटा गया है-

(i) संवैधानिक व प्रशासनिक कानून न्यायालय । 

(ii) दीवानी कानून न्यायालय।  

(iii) फौजदारी अपील न्यायालय। 

प्रत्येक विभाग में 3 से 9 तक न्यायाधीश होते हैं। इन मुख्य विभागों के अतिरिक्त संघीय न्यायाधिकरण के कुछ छोटे विभाग या चैम्बर भी हैं; जैसे-ऋण तथा दिवालियेपन का चैम्बर, और दोषारोपण चैम्बर। इनमें से प्रत्येक में तीन न्यायाधीश होते हैं। इसके अतिरिक्त संघीय न्यायालय में एक उप-विभाग फौजदारी न्यायालय तथा असाधारण अवरोध न्यायालय का होता है।

कार्य प्रणाली - फौजदारी न्यायालयों के अतिरिक्त शेष सभी विभागों के अध्यक्ष संघीय न्यायाधिकरण की सम्पूर्ण बैठक में चुने जाते हैं। फौजदारी न्यायालय प्रत्येक अभियोग के लिए अपने में से किसी एक को अपना अध्यक्ष चुन लेता है। प्रत्येक विभाग या न्यायालय तथा उप-विभाग या छोटे न्यायालय के लिए अलग-अलग गणपूर्ति निश्चित की गयी है। सभी विभागों तथा उप-विभागों में निर्णय बहुमत से लिये जाते हैं और बराबर मत पड़ने की स्थिति में अध्यक्ष को निर्णायक मत देने का अधिकार होता है। संघीय न्यायालय की कार्यवाही जनता के लिए खुली होती है, परन्तु सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक होने पर गुप्त कार्यवाही भी की जा सकती है।


संघीय न्यायाधिकरण का अधिकार क्षेत्र 

संघीय न्यायाधिकरण दीवानी, फौजदारी, प्रशासनिक और संवैधानिक अभियोगों की सुनवाई करता है। इसे प्रारम्भिक और अपीलीय दोनों ही प्रकार के अधिकार क्षेत्र प्राप्त हैं, जो अग्रलिखित हैं

(1) प्रारम्भिक अधिकार क्षेत्र - संघीय न्यायाधिकरण को दीवानी और फौजदारी दोनों ही प्रकार के विवादों में प्रारम्भिक अधिकार क्षेत्र प्राप्त है। 

न्यायाधिकरण को निम्नलिखित प्रकार के दीवानी विवादों में प्रारम्भिक अधिकार क्षेत्र प्राप्त हैं

(i) जो स्विस राज्यमण्डल तथा केण्टनों के बीच हों। 

(ii) राज्यमण्डल तथा एक निगम अथवा साधारण नागरिक के मध्य उत्पन्न विवाद परन्तु यह आवश्यक है कि वादी नागरिक अथवा निगम हो और विवादग्रस्त राशि 8,000 फ्रेंक से कम न हो।

(iii) ऐसा विवाद जो विभिन्न केण्टनों के बीच उत्पन्न हो।

(iv) राष्ट्रीयता के खोये जाने से सम्बन्धित विवाद।

(v) केण्टनों या कम्यूनों की नागरिकता से सम्बन्धित विवाद। 

(vi) अन्य दीवानी विवाद भी संघीय न्यायाधिकरण के सम्मुख प्रस्तुत किये जा सकते हैं।  यदि दोनों पक्ष उन्हें संघीय न्यायाधिकरण को सौंपने के लिए तैयार हो जायें और जो संघीय कानून से सम्बन्धित हों। इन विवादों में 10 हजार फ्रेंक से अधिक धनराशि विवादग्रस्त होनी चाहिए।

संघीय न्यायाधिकरण को निम्नलिखित प्रकार के फौजदारी विवादों में प्रारम्भिक अधिकार क्षेत्र प्राप्त हैं

(i) राज्यमण्डल के विरुद्ध देशद्रोह, संघीय अधिकारियों के विरुद्ध विद्रोह तथा हिंसा। 

(ii) अन्तर्राष्ट्रीय कानून के विरुद्ध अपराध। 

(iii) ऐसे राजनीतिक अपराध, जो कि अशान्ति के फलस्वरूप हुए या जिनके कारण अशान्ति उत्पन्न हुई और जिनमें अधिकारियों के सशस्त्र हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी हो।

(iv) वे विवाद, जो उच्च संघीय अधिकारियों द्वारा अपने कर्मचारियों पर लगाये गये अपराध के सम्बन्ध में हों ।

(v) वे विवाद, जो उसके पास केण्टनों द्वारा संघीय सभा की अनुमति से भेजे जाएँ।

फौजदारी विवादों को सुनने के लिए समस्त स्विट्जरलैण्ड को 5 जिलों में बाँटा गया है। प्रत्येक जिले में 12 व्यक्तियों की एक जूरी स्थापित की जाती है जिसकी सहायता से विवादों की सुनवाई होती है। प्रत्येक अभियोग में अपराधी को दोषी ठहराने के लिए 5-6 जूरी की स्वीकृति आवश्यक है।

(2) अपीलीय अधिकार क्षेत्र - संघीय सभा ने संघीय न्यायाधिकरण को उन विवादों में अपील सुनने का अधिकार प्रदान किया है, जिन्हें केण्टन के न्यायालय सुन चुके हैं और जो 4 हजार फ्रेंक से अधिक राशि से सम्बन्धित हैं।

द्वारा संघीय न्यायाधिकरण को प्रशासनिक क्षेत्र में निम्नलिखित अधिकार दिये गये हैं

(3) प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र - संविधान की धारा 133

(i) प्रशासनिक अभियोगों सम्बन्धी विवाद । 

(ii) सरकारी कर्मचारियों की कानूनी क्षमता सम्बन्धी विवाद। 

(iii) रेल प्रशासन सम्बन्धी विवाद। 

(iv) करारोपण सम्बन्धी प्रशासनिक विवाद । 

(4) सवैधानिक अधिकार क्षेत्र - यद्यपि स्विट्जरलैण्ड में संघीय न्यायाधिकरण का संवैधानिक क्षेत्र उतना व्यापक नहीं है जितना अन्य संघ राज्यों के सर्वोच्च न्यायालय का होता है, लेकिन फिर भी इसे निम्नलिखित विवादों के सम्बन्ध में संवैधानिक अधिकार क्षेत्र प्राप्त होता है। 

(i) संघीय अधिकारियों तथा केण्टनों के अधिकारियों के मध्य उत्पन्न होने वाले क्षेत्राधिकार सम्बन्धी विवाद। 

(ii) केण्टनों के बीच सार्वजनिक विधि के सम्बन्ध में विवाद ।  

(iii) नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन सम्बन्धी विवाद ।

(iv) केण्टनों के निर्वाचन तथा धार्मिक स्वतन्त्रता सम्बन्धी विवाद आंशिक न्यायिक पुनर्विलोकन की व्यवस्था) संवैधानिक अधिकार क्षेत्र के सम्बन्ध एक विशेष बात यह है कि अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के समान स्विस संघीय न्यायाधिकरण को पूर्ण अर्थों में संघ न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति प्राप्त नहीं है, वरन् उसे यह शक्ति आंशिक रूप से ही प्राप्त है ।

संघीय न्यायाधिकरण कैण्टनों की विधियों और केण्टनों की सरकारों के कार्यों की इस आधार पर जाँच कर सकता है कि वे संविधान के प्रतिकूल तो नहीं हैं और यदि वह उन्हें संविधान के प्रतिकूल समझे तो अवैध घोषित कर सकता है। लेकिन इसे संघीय क्षेत्र में न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार प्राप्त नहीं है, अर्थात् वह संघीय सभा द्वारा निर्मित कानून को असंवैधानिक घोषित नहीं कर सकता। 

यह बात संविधान की धारा 133 से नितान्त स्पष्ट है जिसमें कहा गया है कि सभी मामलों में संघीय न्यायाधिकरण संघीय सभा द्वारा पारित विधियों और सभी सर्वमान्य आज्ञाओं को तथा संघीय सभा द्वारा अनुसमर्थित सभी विधियों को मान्यता देने पर विवश होगा । 

स्विट्जरलैण्ड में न्यायिक पुनर्विलोकन न होने की कुछ पक्षों द्वारा आलोचना की गयी है। उदाहरणार्थ, डायसी इसे 'संविधान निर्माताओं की विफलता तथा सवैधानिक त्रुटि’ बताते हैं, लेकिन वास्तव में यह धारणा त्रुटिपूर्ण है। स्विस नागरिक अत्यधिक प्रजातन्त्रवादी हैं और वे जन-इच्छाओं पर कोई प्रतिबन्ध स्वीकार नहीं करते। 

इसी कारण उनके द्वारा न्यायिक पुनर्विलोकन को नहीं अपनाया गया है। हेन्स हूबर ने उचित रूप में लिखा है कि, “समष्टि रूप से स्विट्जरलैण्ड के लोग लोकतन्त्र अर्थात् जनता की इच्छा के पालन को संवैधानिक अर्थात् संविधान की इच्छा के पालन से उच्च स्थान प्रदान करते हैं । ”

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