मिल के राजनीतिक विचारों की विवेचना कीजिए

कुछ विचारकों ने मिल के विचारों की उसके द्वारा उपयोगितावाद में संशोधन, प्रजातन्त्र में दोष ही दोष देखना, नियन्त्रण के अभाव को ही स्वतन्त्रता कहना आदि आलोचना की है। 

वैपर और डनिंग जैसे विचारकों ने मिल के 'स्त्री स्वतन्त्रता' सम्बन्धी विचारों की भी आलोचना की है। इसके बावजूद वह एक राजनीतिक, दार्शनिक, न्यायशास्त्री और अर्थशास्त्री के रूप में सदैव याद रहेगा। मिल की अनेक रचनाएँ विभिन्न विश्वविद्यालयों में सम्मिलित की गई हैं। संक्षेप में, मिल का योगदान और प्रभाव इन बातों के पाठ्यक्रम में निहित है

1. उपयोगितावाद में संशोधन

जे. एस. मिल ने बेन्थम के उपयोगितावाद में उचित संशोधन करके बेन्थम के उपयोगितावाद को जीवित बनाए रखा और इसे आलोचना सेबचाने के लिए यह बताया कि सुखों में मात्रात्मक अन्तर के साथ गुणात्मक अन्तर भी होता है।

2. व्यक्ति की स्वतन्त्रता का प्रबल समर्थक 

जे. एस. मिल की एक महानतम देन 'व्यक्ति-स्वातन्त्र्य' के क्षेत्र में है। उसके द्वारा विचार और भाषण की स्वतन्त्रता पर जो अधिक बल दिया गया है, वह उचित ही है। वैपर ने मिल की रचना 'ऑन लिबर्टी' के बारे में ठीक कहा है, "विचार - स्वातन्त्र्य के प्रतिरक्षण के सम्बन्ध में इससे उत्तमतर अन्य कोई रचना नहीं है।”

3. समाज के लिए स्वतन्त्रता का महत्त्व 

मिल के ये विचार उपयोगी हैं कि स्वतन्त्रता केवल एक व्यक्तिगत हित नहीं है, वह एक सामाजिक हित भी है । स्वतन्त्र वाद-विवादों से समाज को भी लाभ होता है।

व्यक्तिवाद का समर्थन मिल ने अपने विचारों से एक सम्प्रदाय खड़ा कर दिया, जिसे 'व्यक्तिवादी विचारधारा' कहते हैं, जो व्यक्ति को साध्य मानते हुए उनके हितों को प्राथमिकता देती है।

4. राजनीतिक सुधारक

मिल को एक राजनीतिक सुधारक के रूप में भी स्मरण रखा जायेगा। उसके प्रजातन्त्रवाद, प्रतिनिधि शासन, महिलाओं की स्वतन्त्रता व मताधिकार सम्बन्धी विचार उपयोगी हैं। इंग्लैण्ड की सरकार ने इनमें से बहुतों को स्वीकार किया है।

5. उदारवादी विचारक 

मिल अपने समय का महान उदारवादी था । वह मानवीय व्यक्तित्व का विकास एवं मानवीय विविधताओं की रक्षा को प्रगति की कुञ्जी मानता था। 

मिल के उदारवादी राज्य में, शासन के कार्य निषेधात्मक नहीं हैं, सकारात्मक हैं। वह चाहता है कि राज्य अपने कानूनों द्वारा व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास के लिए पूरा अवसर दे। 

6. श्रमिकों के हितों का समर्थन 

मिल ने श्रमिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने के लिए उनकी शिक्षा और स्वतन्त्रता पर बल दिया। मजदूर सभाओं का समर्थन करते हुए मालिकों और मजदूरों के बीच सहयोग पर बल दिया।

7. जार्ज ग्रोटे  और एलेक्जेण्डर बेन 

जैसे विचारक जे. एस. मिल की ही देन हैं। ग्रोटे उपयोगितावादी आचारशास्त्र और दर्शन का बड़ा समर्थक था। बेन का उपयोगितावादी विचारकों की श्रेणी में मनोवैज्ञानिक एवं आचरणशास्त्री के रूप में महत्त्वपूर्ण स्थान है।

जे. एस. मिल के राजनीतिक दर्शन के महत्त्व और प्रभाव के सम्बन्ध में बाउले का कथन उल्लेखनीय है और यदि लेखकों की योग्यता का निर्णय इस बात से होता है कि उनका नीति पर क्या प्रभाव पड़ा है, तो मिल का स्थान निश्चित रूप से ही ऊँचा है एक न्यायशास्त्री, अर्थशास्त्री और राजनीतिक दार्शनिक के रूप में उसे अपने युग में एक अवतार समझा जाता था।

निःसन्देह राजनीतिक चिन्तन के इतिहास में मिल का महत्त्वपूर्ण स्थान है। मिल अपने युग का राजनीतिक साहित्य का सृष्टा, मौलिक विचारक और महान सुधारक था।

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