शेयर का अर्थ - sheyar ka arth

 शेयर का अर्थ एवं परिभाषा

हिन्दी भाषा का शब्द अंश अंग्रेजी भाषा के शब्द 'शेयर' का हिन्दी अनुवाद है । इसका शाब्दिक अर्थ हिस्सा अथवा भाग से है। इस प्रकार कम्पनी की कुल पूँजी एक निश्चित राशि के हिस्सों अथवा भागों में विभाजित होती है। इन्हीं हिस्सों अथवा भागों को शेयर कहते हैं। जैसे- यदि एक कम्पनी की पूँजी 10,000 रुपये है और इसे दस-दस रुपये के 1,000 हिस्सों में बाँटा गया है, तो दस रुपये के इस प्रत्येक हिस्से को ‘शेयर' कहा जाता है।

कम्पनी अधिनियम की धारा 2 (46) के अनुसार- शेयर का आशय, कम्पनी की अंश पूँजी के अंश से है तथा इसमें स्कन्ध भी सम्मिलित होते हैं। जब तक कि अंश और स्टॉक में अन्तर न किया गया हो। स्कन्ध (स्टॉक) कम्पनी के पूर्ण दत्त अंशों के परिवर्तित रूप होते हैं।

लार्ड जस्टिस लिण्डले के अनुसार - कम्पनी की संयुक्त पूँजी मुद्रा में संबोधित की जाती है, और वह कम्पनी की पूँजी है। वे व्यक्ति जो उसमें अंशदान करते हैं अथवा जो उसके स्वामी होते हैं। कम्पनी के सदस्य अथवा अंशधारी कहलाते हैं। पूँजी का वह आनुपातिक भाग जिसका प्रत्येक सदस्य अधिकारी होता है। उसका अंश या शेयर कहलाता है।

उपर्युक्त परिभाषा से स्पष्ट है कि किसी भी कम्पनी द्वारा पूँजी जुटाने हेतु अपने स्वामित्व का एक हिस्सा बेचकर लोगों से उनकी बचत प्राप्त की जाती है और इसके बदले में दिया गया प्रमाण-पत्र 'शेयर' कहलाता है। प्रत्येक शेयर धारक का कम्पनी में स्वामित्व अपने शेयरों के कुल मूल्य के अनुपात में होता है। 

इस प्रकार, शेयरों एवं अंश-पत्रों का क्रयविक्रय जिस बाजार में होता है, उसे शेयर बाजार कहा जाता है। ये शेयर बाजार कुछ निश्चित एवं नियमित स्थानों पर ही होते हैं, जिन्हें स्टॉक एक्सचेंज (शेयर बाजार) के नाम से जाना जाता है।

Subscribe Our Newsletter