द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री पत्ती की आन्तरिक संरचना में अन्तर

Post Date : 22 October 2022

 द्विबीजपत्री तथा एकबीजपत्री पत्ती की आन्तरिक संरचना में अन्तर

द्विबीजपत्री पत्ती एकबीजपत्री पत्ती
यह पृष्ठाधारी प्रकार की होती है। यह समद्विपार्श्विक प्रकार की होती है।
इनकी निचली बाह्यत्वचा पर रन्ध्र पाये जाते हैं।इनकी दोनों स्तरों पर रन्ध्र पाये जाते  हैं।
इनका पर्णमध्योतक पैलीसेड तथा स्पॉन्जी पैरेनकायमा का बना होता है।  यह केवल स्पॉन्जी पैरेनकायमा का बना होता है। 
इनकी बण्डलाच्छाद पैरेनकाइमा कोशिकाओं की बनी होती है। इसकी बण्डलाच्छाद भी पैरेनकायमा कोशिकाओं की बनी होती है, लेकिन इसके संवहन पूल के नीचे तथा ऊपर स्क्लेरेनकायमा कोशिकाएँ पायी जाती हैं।
इनकी बाह्यत्वचा में बुलीफार्म कोशिकाएँ नहीं पायी जातीं । इनकी बाह्यत्वचा में बुलीफार्म कोशिकाएँ पायी जाती हैं।
इनके संवहन पूल के नीचे तथा ऊपर पैरेनकायमा अथवा कोलेनकाइमा कोशिकाएँ बाह्यत्वचा तक फैली होती हैं।

इनके संवहन पूल के ऊपर तथा नीचे बाह्यत्वचा तक स्क्लेरेनकाइमा कोशिकाएँ फैली रहती हैं।

इनकी स्पॉन्जी पैरेनकाइमा के अवकाश बड़े होते हैं। इनकी स्पॉन्जी पैरेनकाइमा के अवकाश संख्या में कम तथा छोटे होते हैं।