ग्रीष्म ऋतु की विशेषताएं बताइए - grishm ritu ki vishesha

Post Date : 15 November 2022

ग्रीष्म ऋतु भारत में मार्च से जून तक रहती हैं मानसूनी ऋतुएँ जिसमें तापमान अधीक और आकाश साफ तथा वायु शुष्क होती है। 21 मार्च के दिन सूर्य भूमध्य रेखा के उपर चमकता है। उसके बाद सूर्य उत्तर की ओर आगे बढ़ता है जिसके कारण दिन बड़े होते जाते हैं, और भारत में गर्मी का मौसम आता है।

ग्रीष्म ऋतु की विशेषताएं

1. तापमान - सूर्य के कर्क रेखा की ओर बड़ने के कारण भारत में तापमान में वृद्धि होती जाती हैं। मार्च के महीने में सबसे अधिक तापमान दक्षिण भारत में 43° से.ग्रे. रहता है जबकि अप्रैल माह में गुजरात का तापमान 43° से.ग्रे. तक पहुँच जाता है। 

मई तक उत्तर भारत में तापमान बढ़ता जाता है। तथा तापमान 45° से.ग्रे. से अधिक हो जाता है। ग्रीष्म ऋतु जून तक रहती है जबकि मानसून हवाएँ यहाँ नहीं पहुँचत जाती। दक्षिणी भारत में समुद्र के प्रभाव के कारण तापमान 32° से.ग्रे. के आसपास होता है। 

2. वायुदाब एवं पवनें - भारत में तापमान बढ़ने के करण  वायुदाब में कमी होती है। थार मरुस्थल और छोटा नागपुर के पठार में निम्न वायुदाब निर्मित होता हैं। जो मार्च से मई तक वायु की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाते हैं। 

इसके करण मानसून हवाओं की दशाएँ भी परिवर्तित हो जाती है। दिन में गर्म और शुष्क हवाएं चलती है। इसे स्थानीय भाषा में लू कहा जाता है।

3. वर्षा - इस ऋतु में वर्षा न के बराबर होती है। तापमान की अधिकता के कारण गर्म हवाओं की धाराएँ चलती है। जो पंजाब व उर  भारत में धूल के तूफान का कारण बनती हैं।

छोटा नागपुर के पठार से निर्मित पछुआ हवाओं से पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में कुछ मात्रा में वर्षा होती है। इस ऋतु में होने वाली वर्षा को दक्षिण भारत आम्रवर्षा कहते हैं।