शरद ऋतु की विशेषताएं - sharad ritu ki visheshta

Post Date : 15 November 2022

ग्रीष्म कालीन मानसून और शीतकालीन मानसून के मध्य मानसून के परिवर्तन का काल शरद ऋतु या मानसून प्रत्यावर्तन काल होता है। यह अवधि 15 सितंबर से 15 दिसंबर तक होती है जब मानसून वापस होने लगता है। इस ऋतु में दिन का तापमान अधिक होता है किन्तु रातें सुखद होती है।

शरद ऋतु की विशेषता

1. तापमान - मानसून के उत्तरी भाग से वापस होने के कारण वहाँ का तापमान तेजी से गिरने लगता है। अधिकतम तापमान 30° से 35° से.ग्रे. के लगभग होता है। जबकि न्यूनतम 19° से. ग्रे । पहाड़ी भागों में तो तापमान शून्य से भी कम हो जाता है।

2. वायुदाब और हवाएँ - अक्टूबर माह में सूर्य दक्षिण गोलार्द्ध में पहुँच जाता है जिससे पश्चिमी भारत में बना हुआ निम्न वायुदाब का क्षेत्र समाप्त होने लगता है और बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ता जाता है। मानसूनी हवाएँ इसका अनुसरण करती है किन्तु इनकी वापस जाने की गति धीमी होती है ।

3. वर्षा - लौटती हुई मानसूनी हवाओं से प्रायः चक्रवात या स्थानीय तूफान आते हैं किन्तु वर्षा कम होती है। लौटती हुई मानसूनी हवाएँ बंगाल की खाड़ी पार करते समय पर्याप्त आर्द्रता ग्रहण कर लेती है। जिससे अक्टूबर-नवंबर महीनों में तमिलनाडु तट पर 25 से 50 सेमी वर्षा कराती है।