पर्यावरण

पर्यावरण दो शब्दो परि और आवरण से मिलकर बना है। परि का अर्थ है सभी होता हैं, तथा आवरण का अर्थ घेरा होता हैं अर्थात जो हमें चारों और से घेरे हुए है वही पर्यावण कहलाता है।

हमारे दैनिक जीवन में इसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्राचीन काल में मनुष्य प्रकृति से अधिक कनेक्ट हुआ करता था। जिसके कारण स्वस्थ अधिक बेहतर हुआ करती थी। 

आज मनुष्य पर्यावण से दूर हो गया है। शहरी कारण के कारण लोगो को साफ हवा का मिलना भू दूभर हो गया है। पर्यावरण एक जीव के लिए घर है। जहा पे उसके जीवन यापन की सारी वस्तुए विध्यमान होती है।

पर्यावरण से हमें जल भोजन और प्राकृतिक संसाधन प्राप्त होते है। इसके अलावा किसी भी जिव के लिए वातावरण का होना अति आवश्यक होता है। 

इसके बिना जीवन असवम्भव होता है। पृथ्वी एक मात्र ऐसा गृह है जहा पे अनुकूल वातावरण पाया जाता है। जहां पे जीव आसानी से जीवन यापन कर सकता है।



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