कृषि किसे कहते हैं - what is agriculture in hindi

Post Date : 28 September 2022

कृषि दुनिया को भोजन और कपड़े प्रदान करती है। कपास, ऊन और चमड़ा सभी कृषि उत्पाद हैं। कृषि कागज उत्पादों के लिए लकड़ी भी प्रदान करती है। कृषि पद्धतियाँ, दुनिया के एक हिस्से से दूसरे हिस्से में भिन्न हो सकती हैं।

कृषि किसे कहते हैं

कृषि फसल उगाने और पशुधन पालन की कला है। इसमें उपयोगी वस्तुओं का निर्माण किया जाता है। जैसे धान, दाल, ज्वार गन्ने आदि। इसके अलावा पालतू पशुओं से दूध से बने पदार्थ और मांस प्राप्त किया जाता हैं। साथ ही कई अन्य उधोग कृषि पर निर्भात हैं। कपडा उद्योग, कागज उद्योग और खाद उद्योग आदि।

कृषि के विकास ने मानव सभ्यता को एक स्थान पर विकसित होने का अवसर प्रदान किया हैं। कृषि कार्य मिट्टी को जोतकर उसमे बीज बोया जाता हैं।  इसके लिए पशु और कृषि यंत्रो का उपयोग किया जाता हैं। वर्तमान में संपूर्ण कृषि कार्य वैज्ञानिक तरीके से होती हैं। हमारे देश में कृषि एक प्रमुख कार्य हैं अधिकतर लोग कृषि पर निर्भर करते हैं। देश में चावल, गेंहू और मसाले का उत्पादन सबसे अधिक होता हैं।

कृषि की शुरुआत

सदियों से, कृषि के विकास ने सभ्यताओं के उदय में योगदान दिया हैं। कृषि पहले से व्यापक हो गया हैं। लोगों ने अपना अधिकांश जीवन भोजन की खोज में बिताया हैं। जिसमे जंगली जानवरों का शिकार और जंगली पौधों को इकट्ठा करना शामिल था। लगभग 11,500 साल पहले, लोगों ने धीरे-धीरे अनाज और जड़ वाली फसलें उगाना सीखा, और खेती पर आधारित जीवन जीने लगे।

2,000 साल पहले तक, पृथ्वी की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर हो गई थी। विद्वानों को यकीन नहीं है कि खेती में यह बदलाव क्यों हुआ, लेकिन यह जलवायु परिवर्तन के कारण हुआ होगा। जब लोगों ने फसल उगाना शुरू किया, तो उन्होंने जंगली जानवरों को पालना भी शुरू कर दिया ताकि वे उसका उपयोग कृषि में कर सके। 

पहला कृषि फसल शायद चावल या मक्का था। चीनी किसान चावल की खेती 7500 ईसा पूर्व से कर रहे थे। पहले पालतू जानवर कुत्ते थे, जिनका इस्तेमाल शिकार के लिए किया जाता था। भेड़ और बकरियों को शायद बाद में पालतू बनाया गया होगा। लोगों ने मवेशियों और सूअरों को भी पालतूबना लिया। इनमें से अधिकांश जानवरों को कभी खाल और मांस के लिए शिकार किया गया था।

आखिरका, लोगों ने पालतू जानवरों जैसे बैलों का इस्तेमाल जुताई, खींचने और परिवहन के लिए करना सिख लिया था। कृषि ने लोगों को भोजन का उत्पादन उपयोग से अधिक करने में सक्षम बनाया। वे इस अतिरिक्त भोजन का उपयोग तब कर सकते थे जब फसलें नहीं हो जाती थीं या अन्य वस्तुओं के लिए इसका व्यापार करना होता था।

कृषि के प्रकार 

कृषि के चार प्रकार इस प्रकार हैं -

1. जीविकोपार्जन कृषि - जीविकोपार्जन कृषि में सम्पूर्ण उपज कृषक के परिवार अथवा उसके उत्पादन क्षेत्र में ही खप जाती है। फसलें स्थानीय आवश्यकता की पूर्ति के लिए ही उत्पन्न की जाती हैं। इस कृषि का मुख्य उद्देश्य भूमि के उत्पादन से अधिक जनसंख्या का भरण-पोषण करना है। 

2. स्थानांतरी खेती - स्थानांतरित खेती एक कृषि प्रणाली है जिसमें भूमि पर अस्थायी रूप से खेती की जाती है, फिर कुछ वर्षों के लिए बंजर छोड़ दिया जाता है। जिसके बाद वनस्पति को स्वतंत्र रूप से बढ़ने का मौका मिलता है जबकि किसान दूसरे भूखंड पर कृषि कार्य करने लगता है। अर्थात स्थान बदल बदल कर कृषि करने की प्रणाली को स्थानान्तरी कृषि कहते है।

3. गहन खेती - जिस पर खरीफ मौसम में पूरे 10 हेक्टेयर भूमि पर फसल लेता है तथा रबी के मौसम में पुन: 6 हेक्टेयर भूमि पर फसल लेता है, इस प्रकार वह 10 + 6 = 16 हेक्टेयर भूमि पर फसल प्राप्त करता है, जबकि उसके पास वास्तविक कृषि भूमि 10 हेक्टेयर ही थी। इसे ही गहन कृषि या शस्य गहनता कहते हैं।

4. व्यावसायिक कृषि - इस कृषि पद्धति में फसलों का उत्पादन नगद लाभ या व्यापार की दृष्टि से किया जाता है। इसके अंतर्गत विशेष प्रकार की नगदी फसलें उगायी जाती हैं। अनुकूल भौगोलिक दशाओं में एक ही फसल पर अधिक बल देकर अधिकतम उत्पादन पाने का प्रयास किया जाता है।