प्रायद्वीप पठार किसे कहते हैं

Post Date : 12 November 2022

प्रायद्वीप पठार संसार का सबसे प्राचीनतम भू-भाग है। इसका विस्तार 16 लाख वर्ग किमी में है तथा इसकी औसत ऊँचाई 610 मीटर है। इस पठार की आकृति त्रिभुजाकार है। 

इसके उत्तर में विंध्याचल,कैमूर, सतपुड़ा, अजंता, महादेव, मैकाल तथा राजमहल की पहाड़ियाँ हैं। इसके पूर्व में पूर्वीघाट तथा पश्चिम में पश्चिमी घाट श्रेणी है। पठार के दक्षिण भाग में नीलगिरी की पहाड़ियाँ हैं, तथा आगे दक्षिण में अन्नामलाई इलाइचीं पहाडियाँ है।

प्रायद्वीप पठार का विस्तार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिमी आन्ध्रप्रदेश, कर्नाटक व तमिलनाडू राज्यों में भी है। इस भूखण्ड की रचना अत्यंत प्राचीन कठोर आग्नेय शैलों से हुई है।

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार यह पठार मुख्य प्लेटों में से एक है। इसे भारतीय प्लेट (गोंडवाना लेंड) भी कहा जाता है यह पठार पूर्व कैम्ब्रियन महाकल्प में निक्षेपित अवसादों के समुद्र सतह से ऊपर उठ जाने से बना है नर्मदा और सोन नदी घाटियाँ सम्पूर्ण पठार को दो असमान भागों में विभक्त कर देती है1. मालवा का पठार, 2. दक्कन का पठार।