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विद्यानिवास मिश्र की निबंध की विशेषता

मिश्र जी ने अपने ललित निबन्धों द्वारा हिन्दी के निबन्ध साहित्य को अत्यधिक समृद्ध बनाया है। आपके ये निबन्ध गहन अनुभूति एवं चमत्कारपूर्ण अभिव्यक्ति के ही भण्डार नहीं हैं। अपितु इनमें लेखक ने समसामयिक स…

हजारी प्रसाद द्विवेदी जीवन परिचय

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का जन्म 1907 में बलिया जिले के एक छोटे-से गाँव में छपरा (ओझबालिया) में हुआ था। आपके पिता का नाम पं. अनमोल द्विवेदी था। आपने सन् 1920 में मिडिल की परीक्षा पास की। उसके …

वसंत आ गया है निबंध का उद्देश्य

यह निबन्ध उस समय लिखा गया है जब द्विवेदी जी भावना-केन्द्र 'शान्ति निकेतन' में निवास करते थे। सौभाग्य या दुर्भाग्य से उस समय बसन्त का अवसर आया। लेखक की मर्मानुभूति इतर प्रकृति पर भी जा पड़ी। व…

बसंत आ गया है किसकी कृति है

बसन्त डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी रचित एक महत्वपूर्ण निबन्ध है। इसमें डॉ. द्विवेदी ने बसन्त के आगमन पर प्रकृति की विविधता का चित्र बड़े ही रोचक शैली में किया है। प्रस्तुत निबन्ध लेखक के 'शांति निके…

क्रोध निबंध का सारांश लिखिए – आचार्य रामचन्द्र शुक्ल

क्रोध निबंध आचार्य रामचन्द्र शुक्ल जी द्वारा लिखा गया है। इस निबन्ध में आचार्य शुक्ल ने क्रोध की उत्पत्ति, क्रोध की आवश्यकता, क्रोध का स्वरूप, क्रोध का लक्ष्य, क्रोध और चिड़चिड़ापन आदि की विवेचना की …

क्रोध निबंध की विशेषताएं

रामचन्द्र शुक्ल जी हिन्दी के प्रसिद्ध गद्यकारों में शीर्ष पर हैं। निबन्धकार के रूप में आपने विशेष ख्याति अर्जित की है। आपके निबन्ध तकनीकी के दृष्टिकोण से दो प्रकार के हैं। एक जीवन से सम्बन्धित अर्थात…

अंधेर नगरी नाटक के पात्र का चरित्र-चित्रण कीजिए

संस्कृत और हिन्दी नाटकों में प्रायः ऐसा व्यक्ति किसी नाटक का नायक माना जाता था जो धीरोत्वाद हो, प्रतिभाशाली हो, वीर हो और विशेष व्यक्तिगत का स्वामी हो। किन्तु प्रस्तुत नामा नायक एक ऐसा व्यक्ति है जो …

अंधेर नगरी की भाषा शैली पर प्रकाश डालिए

अंधेर नगरी एक जीवन सार्थक व समकालीन रचना है। इसका बहुत कुछ श्रेय इस नाटक की भाषा को है। इस नाटक की भाषा नितान्त हरकत भरी जीवन्त सक्रिय, उच्चरित शब्द की ध्वनियों और वाक्यों का सौंदर्य लिए हुए है। संवा…

अंधेर नगरी चौपट राजा का सारांश

प्रस्तुत प्रहसन 1881 ई. में किसी जमींदार को लक्षित करके नेशनल थियेटर के लिए एक ही बैठक में लिखा था। श्री गिरीश रस्तोगी के शब्दों में, "एक ही रात में भारतेन्दु ने सामान्य लोकोक्ति 'अन्धेर नगर…

भारतेंदु हरिश्चंद्र का संक्षिप्त जीवन परिचय दीजिए

हिन्दी साहित्य के इतिहास में आधुनिक युग महान् प्रवर्तक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र हिन्दी साहित्याकाश में ‘इन्दु' बनकर अवतीर्ण हुए। उन्होंने अपनी कविता कौमुदी से जनमानस को आह्लादित किया उनकी देशभक्ति, …

हबीब तनवीर की भाषा शैली पर प्रकाश डालिए

भाषा-शैली-हबीब जी ने ऐतिहासिक प्रसंगों को प्रस्तुत करने के लिए तत्युगीन संस्कृतनिष्ठ भाषा का प्रयोग किया है। उनकी शब्द-योजना कोमल, पात्रानुकूल तथा गतिशील है। संवाद सहज स्वाभाविक एवं चुस्त है। बीच-बीच…

रेखा चित्र से आप क्या समझते हैं समझाइए

रेखाचित्र गद्य साहित्य की एक नवीनतम विधा है। हिन्दी साहित्य के विकास के साथ-साथ रेखाचित्र साहित्य का भी विकास आधुनिक काल में हुआ। भावात्मक प्रतिपाद्य को संक्षेप में अभिक रेखाओं द्वारा चित्रित कर देना…

एकांकी की विशेषताएं बताइए

एकांकी विधा का प्रारम्भ तो भारतेन्दु युग से स्वीकार किया जाता है। क्योंकि इस समय राष्ट्रीय, सामाजिक, धार्मिक एवं हास्य-व्यंग्ययुक्त अनेक एकांकी या प्रहसन लिखे गये। भारतेन्दु जी ने स्वयं भारत दुर्दशा&…

महादेवी वर्मा की साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए

महादेवी जी की ख्याति एक कवयित्री के रूप में अधिक है, जबकि गद्य के क्षेत्र में भी आपने उल्लेखनीय लेखन कार्य किया है। आपने चाँद नामक पत्रिका का सम्पादन पर्याप्त समय तक किया। भारतीय नारी की दयनीय स्थिति…

राहुल सांकृत्यायन की साहित्यिक विशेषताएँ

राहुल सांकृत्यायन जी की साहित्यिक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं - (1) राहुल जी के साहित्य की सबसे बड़ी विशेषता मनोरंजकता है। राहुल जी आरंभ से ही रोचकता के समर्थक रहे थे। यह विशेषता उनकी साहित्यि में ही नह…

बाबू गुलाब राय की निबंध कला पर टिप्पणी

बाबू गुलाबराय हिन्दी के सुप्रसिद्ध आलोचक एवं निबन्धकार के रूप में अद्वितीय स्थान के अधिकारी हैं। आपने आलोचना एवं निबन्ध के क्षेत्र में अत्यन्त महत्त्वपूर्ण कृतियाँ हिन्दी साहित्य को प्रदान की हैं।  ज…

बाबू गुलाबराय का जीवन परिचय

बिखेरता हुआ हिन्दी के समर्थ आलोचक तथा निबंधकार श्री गुलाबराय का जन्म इटावा (उत्तर प्रदेश) में 17 जनवरी, 1888 में हुआ। सन् 1911 में दर्शनशास्त्र में एम.ए. तथा सन् 1913 में एल-एल.बी. की परीक्षायें उत्त…

रामचंद्र शुक्ल के निबंध संग्रह का नाम क्या है

शुक्लजी को जितनी ख्याति निबन्धकार के रूप में मिली है उतनी अन्य किसी क्षेत्र में नहीं। उनके सभी निबन्धों को दो भागों में बाँटा जा सकता है (1) मनोविकारी सम्बन्धी निबन्ध।  (2) साहित्यिक निबन्ध।  उपर्युक…

एक दिन एकांकी का लेखक कौन है

कथानक या कथावस्तु एकांकी का सर्वप्रथम तत्व है। यही नहीं तत्वों में एक है। इसका मुख्य कारण यह है कि उसके बिना एकांकी का साँचा-ढाँचा बिल्कुल ही तैयार नहीं हो सकता है। अतएव इसके प्रति एकांकीकार विशेष रू…
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